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बॉलीवुड की रोमांटिक फिल्मों से जेन-जेड का जुड़ाव कम क्यों हो रहा है

फिल्ममेकर शकुन बत्रा का मानना है कि बॉलीवुड में दिखाया जाने वाला रोमांस वास्तविक जीवन से काफी अलग है। इस वजह से युवा दर्शक इन फिल्मों से जुड़ नहीं पा रहे हैं।

LSN India · 10 October 2026

बॉलीवुड के जाने-माने निर्देशक शकुन बत्रा ने कहा है कि फिल्म इंडस्ट्री की रोमांटिक कहानियां आज की पीढ़ी के साथ तालमेल खाने में विफल साबित हो रही हैं। बत्रा के अनुसार, वर्तमान समय में बनाई जा रही रोमांटिक फिल्मों में प्रेम का चित्रण अभी भी यथार्थवाद से बहुत दूर है।

फिल्ममेकर का मत है कि जेन-जेड के दर्शक अपने आसपास की नई सामाजिक वास्तविकताओं को स्क्रीन पर देखना चाहते हैं। आधुनिक समाज में रिश्तों का स्वरूप बदल गया है, लेकिन बॉलीवुड अभी भी पारंपरिक और आदर्शवादी प्रेम कहानियों पर निर्भर रह रहा है।

बत्रा ने माना है कि यह अंतराल युवा दर्शकों को सिनेमा हॉलों से दूर कर रहा है। उनका सुझाव है कि निर्माताओं को समकालीन प्रेम संबंधों और भावनात्मक जटिलताओं को अधिक प्रामाणिकता के साथ दर्शाना चाहिए।

इंडस्ट्री के इस विश्लेषण से यह संकेत मिलता है कि बॉलीवुड को अपनी कथाओं को नई पीढ़ी की मानसिकता के अनुरूप ढालना होगा, अन्यथा रोमांटिक शैली में फिल्मों की प्रासंगिकता प्रभावित होती रहेगी।