LSN News › India

Culture & Entertainment · India Bureau

बॉलीवुड: उर्दू भाषा पाकिस्तानी जासूसी नहीं है

भारतीय फिल्म उद्योग में उर्दू भाषा के प्रति बढ़ती उदासीनता को लेकर चिंता जताई जा रही है। विशेषज्ञ और भाषा संरक्षणवादी इस ऐतिहासिक भाषा को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में देखने की अपील कर रहे हैं।

LSN India · 3 November 2026

बॉलीवुड: उर्दू भाषा पाकिस्तानी जासूसी नहीं है

बॉलीवुड में उर्दू भाषा के उपयोग में गिरावट भारतीय सांस्कृतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है। वर्षों से भारतीय सिनेमा में उर्दू के माध्यम से बेहद संवेदनशील और काव्यात्मक विषयवस्तु प्रस्तुत की जाती रही है, किंतु हाल के दिनों में इस प्रवृत्ति में स्पष्ट कमी देखी जा रही है।

उर्दू एक भारतीय भाषा है जिसका विकास भारतीय उपमहाद्वेश में हुआ और जो सदियों से भारतीय साहित्य, संगीत और संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। इसे किसी विशेष धर्म या राष्ट्र की संपत्ति नहीं माना जा सकता बल्कि यह भारतीय सभ्यता की समृद्ध विरासत का हिस्सा है। भारतीय संविधान में भी उर्दू को एक आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकृति दी गई है।

फिल्म निर्माताओं और कलाकारों से आह्वान किया जा रहा है कि वे उर्दू भाषा को अपने कार्यों में पुनः स्थान दें। राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समृद्धि की दृष्टि से यह अत्यावश्यक है कि ऐसी भाषाओं को जीवंत रखा जाए जो भारतीय पहचान और विविधता का प्रतীक हैं।

सांस्कृतिक विद्वान और भाषा संरक्षणवादी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि किसी भी भाषा को राजनीतिक या सांप्रदायिक आधार पर हांशिए पर नहीं किया जाना चाहिए। भारत की ताकत इसकी भाषायी और सांस्कृतिक विविधता में निहित है, और इसी विविधता को बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।