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Yes Bank-DHFL मामले में बॉम्बे HC ने ED की ₹25 करोड़ की संपत्ति जब्ती रद्द की

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने कहा कि संलग्न संपत्तियों की जब्ती के लिए कोई आधार नहीं है क्योंकि सभी लेनदेन कानूनी थे। न्यायालय ने इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय के आदेश को खारिज कर दिया है।

LSN India · 22 October 2026

Yes Bank-DHFL मामले में बॉम्बे HC ने ED की ₹25 करोड़ की संपत्ति जब्ती रद्द की

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने Yes Bank और DHFL के बीच चल रहे मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा ₹25 करोड़ मूल्य की संपत्तियों की जब्ती को रद्द कर दिया है। न्यायालय का मानना है कि इस जब्ती के लिए कोई कानूनी आधार नहीं बनता।

न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि मामले में शामिल सभी लेनदेन पूरी तरह से कानूनी और वैध थे। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से की गई कार्रवाई को अयोग्य बताते हुए न्यायालय ने ED के आदेश को निरस्त कर दिया है।

यह मामला Yes Bank और DHFL के बीच हुए वित्तीय लेनदेन से जुड़ा था जिसकी जांच ED द्वारा की जा रही थी। न्यायालय का निर्णय इस बात को रेखांकित करता है कि सभी वित्तीय लेनदेन को कानूनी रूप से स्वीकार्य माना गया है।

इस निर्णय से संबंधित पक्षों को राहत मिली है और ₹25 करोड़ की जब्त संपत्तियां मुक्त की जाएंगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला Yes Bank और DHFL दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।