World · India Bureau
धर्म परिवर्तन के लिए आग्रह करना धार्मिक भावनाओं का अपमान नहीं: बंबई हाईकोर्ट
बंबई उच्च न्यायालय ने कहा है कि किसी को धर्म परिवर्तन के लिए आग्रह करना धार्मिक भावनाओं का अपमान नहीं माना जा सकता। अदालत ने अमरावती में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग को खारिज कर दिया है।
LSN India ·

बंबई उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी व्यक्ति को धर्म परिवर्तन के लिए आग्रह या प्रेरित करना अपने आप में धार्मिक भावनाओं का अपमान नहीं माना जा सकता। यह टिप्पणी उस मामले में आई जहां आरोपियों ने महाराष्ट्र के अमरावती जिले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी।
आरोपियों की ओर से दायर की गई याचिका में एफआईआर को पूरी तरह खारिज करने और मामले में दायर की गई चार्जशीट को भी रद्द करने की मांग की गई थी। अदालत ने इस आवेदन पर विस्तृत सुनवाई के बाद अपना निर्णय दिया।
न्यायालय के अनुसार, किसी को किसी अन्य धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने का कार्य अपने आप में कानूनी दृष्टि से किसी भी धारा के तहत अपराध नहीं माना जा सकता। हालांकि, इस प्रक्रिया में अगर कोई दबाव, धमकी या अन्य अवैध तरीके अपनाए जाते हैं तो वह कानून के दायरे में आ सकता है।
यह मामला जनवरी में अमरावती में दर्ज किया गया था। बंबई उच्च न्यायालय के इस निर्णय को धर्म परिवर्तन से जुड़े कानूनी मामलों में एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।