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बॉम्बे हाई कोर्ट ने अदानी की ड्यूटी-फ्री दुकानों को घरेलू कानून से मुक्त करने की अपील खारिज की

गौतम अदानी ने तर्क दिया था कि अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान क्षेत्रों में स्थित दुकानें भारतीय क्षेत्राधिकार से परे हैं और घरेलू नियमों के दायरे में नहीं आती हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।

LSN India · 23 September 2026

बॉम्बे हाई कोर्ट ने अदानी की ड्यूटी-फ्री दुकानों को घरेलू कानून से मुक्त करने की अपील खारिज की

बॉम्बे हाई कोर्ट ने अदानी समूह की महत्वपूर्ण कानूनी अपील को खारिज कर दिया है जिसमें दावा किया गया था कि अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान क्षेत्रों में संचालित ड्यूटी-फ्री दुकानें भारतीय घरेलू कानूनों की पहुंच से परे हैं।

अदानी समूह ने कोर्ट में यह तर्क प्रस्तुत किया था कि हवाई अड्डों के अंतरराष्ट्रीय यात्री क्षेत्रों में स्थित इन दुकानों को भारतीय क्षेत्राधिकार के बाहर माना जाना चाहिए और इसलिए ये स्थानीय नियमों और विनियमों के अधीन नहीं होनी चाहिए। इस दलील के तहत कंपनी का मानना था कि ये इकाइयां विशेष अंतरराष्ट्रीय व्यापार क्षेत्र में काम करती हैं।

कोर्ट के फैसले से यह स्पष्ट हुआ है कि अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान क्षेत्र भारत के भीतर स्थित हैं और इसलिए भारतीय कानूनों का पूर्ण अनुपालन करना अनिवार्य है। यह निर्णय उन सभी व्यावसायिक गतिविधियों पर लागू होता है जो भारतीय क्षेत्र में संचालित होती हैं, चाहे वे किसी भी विशेष व्यापार क्षेत्र में हों।

यह मामला कॉर्पोरेट नियमन और भारतीय कानूनों के दायरे से संबंधित एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न था। कोर्ट का यह फैसला निर्धारित करता है कि अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्यिक गतिविधियां, भले ही वे सीमांत या विशेष क्षेत्रों में संचालित हों, राष्ट्रीय कानूनी ढांचे के तहत ही कार्य करेंगी।