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मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के रसोई घोटाले पर बंबई हाईकोर्ट की कटु टिप्पणी
बंबई हाईकोर्ट ने मुंबई क्रिकेट एसोशिएशन के संचालित खान-पान स्थलों में तिलचट्टों की समस्या को लेकर कठोर रुख अपनाया है। न्यायालय ने विडंबना के साथ पूछा कि क्या क्रिकेटर वास्तव में 'मांसाहारी चाय' का सेवन कर रहे हैं।
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बंबई हाईकोर्ट ने मंगलवार को मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) के विरुद्ध एक मजेदार किंतु गंभीर टिप्पणी की है। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पूछा कि क्या संस्था के ढाबे में काम करने वाले कर्मचारी और आने वाले क्रिकेटर अनजाने में 'अ-शाकाहारी चाय' का सेवन कर रहे हैं। यह सवाल एमसीए के रसोई घरों में तिलचट्टों की गंभीर समस्या के संदर्भ में उठाया गया था।
न्यायालय ने अपनी कटु टिप्पणी के माध्यम से संस्था की स्वच्छता व्यवस्था की खस्ता हालत पर प्रकाश डाला। हाईकोर्ट ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को अपने सभी खान-पान स्थलों की तत्काल सफाई-सफाई का आदेश दिया है।
यह मामला एमसीए की खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से संबंधित नियमों का पालन न करने से संबंधित है। न्यायालय की यह कार्रवाई खेल संस्थाओं द्वारा अपनी बुनियादी जिम्मेदारियों का निर्वहन न करने पर कड़ी चेतावनी है।
एमसीए को निर्धारित समय सीमा में अपनी सुविधाओं में सुधार लाने और स्वच्छता के मानकों को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। न्यायालय ने आगामी सुनवाई के दौरान इस आदेश के अनुपालन की स्थिति पर नजर रखने की घोषणा की है।