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बॉम्बे हाई कोर्ट ने बी.टेक छात्र की MHT-CET अंकपत्र विसंगति याचिका खारिज की
बॉम्बे हाई कोर्ट ने MHT-CET परीक्षा के अंकपत्र में विसंगति के मामले में बी.टेक छात्र को राहत देने से इनकार कर दिया है। न्यायाधीशों की खंडपीठ ने MHT-CET सेल को मामले की जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
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बॉम्बे हाई कोर्ट की खंडपीठ ने महाराष्ट्र प्रौद्योगिकी सामान्य प्रवेश परीक्षा (MHT-CET) के अंकपत्र में विसंगति के संबंध में एक बी.टेक छात्र की याचिका खारिज कर दी है। छात्र अपने परीक्षा अंकों में असंगति के कारण राहत मांग रहा था, लेकिन अदालत ने मामले को आगे बढ़ाने के लिए तत्काल आधार प्रदान नहीं पाए।
हालांकि, न्यायाधीशों की खंडपीठ ने याचिका को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। अदालत ने MHT-CET प्रशासनिक सेल को निर्देशित किया है कि वह छात्र की अंकपत्र से संबंधित शिकायत की संपूर्ण जांच करे और अपनी विस्तृत रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे।
अदालत की इस कार्रवाई से जुड़े शैक्षणिक विवादों में मामूली सुधार की उम्मीद बढ़ी है। MHT-CET सेल अब जांच प्रक्रिया शुरू करने के लिए बाध्य है, जिससे छात्र के दावों की सत्यता जानी जा सकेगी। यह निर्णय परीक्षा प्रशासन में पारदर्शिता बनाए रखने का महत्व दर्शाता है।
मामला अब MHT-CET सेल की जांच के परिणामों पर निर्भर करता है। आने वाले समय में अदालत मामले की सुनवाई फिर से कर सकती है और जांच रिपोर्ट के आधार पर अपना निर्णय दे सकती है।