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मनोज जरांगे पाटील के मार्च पर रोक नहीं लगाएगी बॉम्बे हाई कोर्ट
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मनोज जरांगे पाटील के विरोध मार्च को रोकने से इनकार कर दिया है। अदालत ने नागरिकों के संवैधानिक अधिकार को मान्यता देते हुए प्रदर्शन की स्वतंत्रता पर जोर दिया।
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मुंबई - बॉम्बे हाई कोर्ट की एक बेंच ने मनोज जरांगे पाटील के आयोजित किए जाने वाले विरोध मार्च को रोकने के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अदैत सेठना की बेंच ने सुनवाई के दौरान प्रदर्शन की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार पर विचार किया।
अदालत ने अपने निर्णय में नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार होने पर बल दिया। बेंच ने माना कि जब तक विरोध प्रदर्शन कानून-सम्मत है और सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित नहीं करता, तब तक इसे रोका नहीं जा सकता।
यह निर्णय भारतीय संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के प्रति अदालत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हाई कोर्ट का रुख यह संकेत देता है कि प्रदर्शनकारियों को उचित सुरक्षा उपायों के तहत अपने विचार व्यक्त करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
हालांकि अदालत ने प्रदर्शन को अनुमति दी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी प्रतिबंध नहीं होगा। प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि वह कानून और व्यवस्था बनाए रखते हुए मार्च को सुरक्षित तरीके से संपन्न होने दे।