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बड़े देशों के बीच मतभेद होंगे: जयशंकर ने भारत-चीन पर टिप्पणी की
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत-चीन सीमा पर शांति बहाली द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2026 में इस पर विस्तार से बात की।
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भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्वीकार किया है कि बड़ी शक्तियों के बीच मतभेद और समस्याएं आना स्वाभाविक है। एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2026 में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच भी इसी तरह के मुद्दे उत्पन्न होते हैं।
जयशंकर के अनुसार, दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य करने के लिए सीमा क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब तक सीमा पर शांति नहीं होगी, तब तक व्यापक द्विपक्षीय संबंधों के विकास की संभावना सीमित रहेगी।
विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और चीन को अपने मतभेदों को संवाद और परस्पर समझ के माध्यम से सुलझाने की जरूरत है। उन्होंने संकेत दिया कि क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग के लिए सीमा विवादों का समाधान जरूरी है।
जयशंकर की टिप्पणी एक ऐसे समय में आई है जब भारत और चीन के बीच सीमावर्ती मुद्दों पर तनाव का सिलसिला जारी रहा है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनीतिक स्तर पर बातचीत चल रही है।