LSN News › India

World · India Bureau

बोस्निया में विद्युत तकनीशियन की वन्यजीव संरक्षण यात्रा

एक बोस्नियाई इलेक्ट्रीशियन ने वन में मिले एक अनाथ भालू को पाल-पोसकर एक अभयारण्य स्थापित किया है। अब उनके सामने इन जानवरों के भविष्य को लेकर गंभीर चुनौतियां खड़ी हैं।

LSN India · 31 October 2026

बोस्निया में विद्युत तकनीशियन की वन्यजीव संरक्षण यात्रा

बोस्निया के एक इलेक्ट्रीशियन पेटार टुबिक की जिंदगी 2019 में एक अप्रत्याशित मुलाकात के बाद बदल गई, जब उन्होंने जंगल में एक अकेले भालू के बच्चे को खोज निकाला। इस भालू का नाम मासा रखा गया और टुबिक ने उसे अपने घर में पालने का फैसला किया। धीरे-धीरे इस पहल ने एक बड़े रूप को ग्रहण किया और टुबिक के घर को वन्यजीव अभयारण्य में तब्दील कर दिया।

वर्तमान में इस अभयारण्य में मासा के अलावा लुजिका नामक एक अन्य भालू भी रहता है। दोनों जानवर बचाव के माध्यम से यहां आए थे और अब टुबिक के परिवार का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। अभयारण्य स्थानीय समुदाय के लिए एक आकर्षण का केंद्र बन गया है और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक साबित हुआ है।

हालांकि, टुबिक को भालुओं के साथ विकसित हुए गहरे मानवीय संबंध को लेकर चिंता है। वह इस बात से परेशान हैं कि इन जानवरों का मानव पर अत्यधिक निर्भरता उनके प्राकृतिक व्यवहार को प्रभावित कर रही है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, कैद में पले-बढ़े जानवरों को वन्य जीवन में वापस लाना अत्यंत कठिन होता है।

टुबिक की पहल मानव और वन्यजीव के बीच सामंजस्य स्थापित करने की कोशिश है, लेकिन यह भी उजागर करती है कि वन्यजीव बचाव का काम कितना जटिल और बहुआयामी हो सकता है। अभयारण्य के भविष्य को लेकर सवाल अभी भी बरकरार हैं।