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लंबी उम्र के लिए दिमाग को चुनौती दें और जिज्ञासु रहें: डॉ. ज्ञानसेकरन
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. ज्ञानसेकरन का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य को सक्रिय रखना और नई चीजें सीखने की प्रवृत्ति लंबी और स्वस्थ जीवन की कुंजी है।
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स्वास्थ्य और जीवनशैली विषयों के जानकार डॉ. ज्ञानसेकरन के अनुसार, मस्तिष्क को नई चुनौतियों से अवगत कराना और जिज्ञासा बनाए रखना दीर्घायु का महत्वपूर्ण कारक है। उनके अनुसार, जब व्यक्ति नई गतिविधियों और विचारों के संपर्क में आता है, तो यह मानसिक क्षमता को तीव्र रखता है और संज्ञानात्मक गिरावट को रोकने में मदद करता है।
डॉ. ज्ञानसेकरन का सुझाव है कि आजीवन सीखने की आदत विकसित करना शारीरिक व्यायाम जितना ही महत्वपूर्ण है। नई भाषाएं सीखना, शौक विकसित करना, और बौद्धिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बनाए रखने में सहायक साबित होती है।
उनके विचार में, जो लोग लगातार सीखते और अपने आसपास की दुनिया के बारे में जिज्ञासु रहते हैं, वे न केवल मानसिक रूप से अधिक सक्रिय रहते हैं बल्कि समग्र स्वास्थ्य में भी सुधार देखते हैं। यह दृष्टिकोण उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में योगदान दे सकता है।