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अमेरिकी चुनाव से पहले तेल की कीमतों में बढ़ेगी अस्थिरता
मिराए एसेट शेयरखान के विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ब्रेंट कच्चे तेल में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। आने वाले समय में ब्रेंट फ्यूचर्स 120 डॉलर प्रति बैरल का प्रतिरोध स्तर परीक्षण कर सकते हैं।
LSN India ·

वैश्विक तेल बाजार में अमेरिकी राजनीतिक घटनाक्रमों का सीधा असर दिखाई देने वाला है। शीर्ष निवेश सलाहकारों के अनुसार, आने वाले सप्ताहों में कच्चे तेल की कीमतों में व्यापक उतार-चढ़ाव की संभावना है क्योंकि बाजार अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की ओर नजर गड़ाए हुए है।
मिराए एसेट शेयरखान के विश्लेषकों ने ब्रेंट कच्चे तेल के संदर्भ में महत्वपूर्ण मूल्य स्तरों पर ध्यान केंद्रित किया है। उनके अनुमान में, ब्रेंट फ्यूचर्स निकट अवधि में 120 डॉलर प्रति बैरल के प्रतिरोध स्तर को परीक्षण कर सकते हैं। यह स्तर बाजार प्रतिभागियों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जा रहा है।
तेल बाजार में बढ़ती अस्थिरता का श्रेय भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक स्थिति और अमेरिकी नीति निर्माण को दिया जा रहा है। बिजली मूल्य निर्धारण और ऊर्जा नीति पर अमेरिकी राजनीति का गहरा प्रभाव पड़ता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय पेट्रोलियम बाजार प्रभावित होते हैं।
भारतीय बाजार और आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह विकास महत्वपूर्ण है क्योंकि तेल की कीमतें मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि दोनों को प्रभावित करती हैं। आने वाले हफ्तों में बाजार के रुख को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।