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ब्रिक्स घोषणा में कानूनी सहयोग और प्रत्यर्पण पर जोर

ब्रिक्स की नई दिल्ली घोषणा में वैकल्पिक विवाद समाधान, प्रत्यर्पण और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के लिए गहरे कानूनी सहयोग का आह्वान किया गया है।

LSN India · 12 September 2026

ब्रिक्स घोषणा में कानूनी सहयोग और प्रत्यर्पण पर जोर

ब्रिक्स देशों ने नई दिल्ली घोषणा के माध्यम से सदस्य राष्ट्रों के बीच कानूनी सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए एक व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की है। इस घोषणा में वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र, प्रत्यर्पण प्रक्रियाओं और संपत्ति की वसूली जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

घोषणा में आतंकवाद से निपटने और अंतर्राष्ट्रीय मानवतावादी कानून के तहत जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया गया है। ब्रिक्स सदस्य देश यह मानते हैं कि साझा कानूनी मानकों के माध्यम से अपराध नियंत्रण और न्याय प्रशासन में सुधार संभव है।

यह पहल क्षेत्र में आपराधिक मामलों के संचालन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ब्रिक्स देश अपने बीच कानूनी सहायता समझौतों को और भी सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

घोषणा का उद्देश्य आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के प्रत्यर्पण को सुगम बनाना और अंतर्राष्ट्रीय अपराधों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कार्रवाई को तेज करना है। इसके साथ ही, सदस्य देश अवैध रूप से अर्जित संपत्ति की वसूली के लिए भी सहयोग बढ़ाएंगे।