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ब्रिक्स घोषणा में शुल्क, प्रतिबंध और पश्चिमी नीतियों की आलोचना
नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जारी घोषणापत्र ने पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों और व्यापार बाधाओं की आलोचना की है। घोषणा में कार्बन व्यापार उपायों सहित कई मुद्दों पर संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है।
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18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जारी नई दिल्ली घोषणा ने एकतरफा शुल्क और आर्थिक प्रतिबंधों के खिलाफ गहरी चिंता व्यक्त की है। घोषणापत्र में इन नीतियों के नाम का स्पष्ट उल्लेख न करते हुए भी, यह स्पष्ट है कि पश्चिमी देशों द्वारा लगाई गई व्यापार प्रतिबंधक नीतियों की ओर इशारा किया जा रहा है।
घोषणा में पर्यावरणीय कार्बन व्यापार उपायों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण चिंताएं उठाई गई हैं, जिन्हें विकासशील देशों के विकास में बाधक माना जा रहा है। ब्रिक्स राष्ट्रों ने इस बात पर जोर दिया है कि इस तरह की नीतियां अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था को असंतुलित करती हैं।
शिखर सम्मेलन में वेस्ट एशिया की स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई है। इस क्षेत्र में चल रहे संघर्ष और तनाव के समाधान के लिए एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है।
घोषणापत्र में ब्रिक्स सदस्य देशों की एकजुटता दिखाई दे रही है, जहां वे वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में सुधार और विकासशील देशों के हितों की रक्षा की मांग कर रहे हैं। यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ब्रिक्स की एक महत्वपूर्ण आवाज प्रतिनिधित्व करती है।