LSN News › India

Business · India Bureau

ब्रिक्स की आर्थिक शक्ति के बावजूद सदस्यों को मिल रहे सीमित लाभ

ब्रिक्स समूह के पास आर्थिक ताकत है, लेकिन सदस्य देशों को इससे मूर्त लाभ मिलने का सवाल अभी भी अनुत्तरित है। भारतीय अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस संगठन की वास्तविक क्षमता का दोहन अभी बाकी है।

LSN India · 13 September 2026

ब्रिक्स की आर्थिक शक्ति के बावजूद सदस्यों को मिल रहे सीमित लाभ

ब्रिक्स संगठन की आर्थिक क्षमता को लेकर उठाए गए सवाल देश के नीति-निर्माताओं के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती प्रस्तुत करते हैं। हालांकि इस पांच देशीय समूह की सामूहिक आर्थिक ताकत विश्व के कुल सकल घरेलू उत्पाद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसके सदस्य देशों को व्यावहारिक स्तर पर जो लाभ मिल रहे हैं, वह इसकी संभावनाओं के अनुरूप नहीं हैं।

इस मुद्दे पर विश्लेषकों का मत है कि ब्रिक्स को अपने ढांचे को अधिक कारगर बनाने की आवश्यकता है। व्यापार सुविधा, निवेश संरक्षण और संयुक्त विकास परियोजनाओं में वर्तमान प्रणाली में कई बाधाएं मौजूद हैं। भारत सहित विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को इस समूह से अपेक्षा थी कि यह वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में उनकी स्थिति को मजबूत करेगा।

ब्रिक्स के सदस्यों के बीच आर्थिक हितों में विभिन्नता भी एक बड़ी चुनौती रही है। इन देशों की विकास दर, व्यापार संरचना और विदेश नीति के लक्ष्य अलग-अलग हैं, जिससे सामूहिक कार्रवाई कठिन होती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ब्रिक्स अपने सदस्यों के लिए स्पष्ट और मापनीय लाभ सुनिश्चित नहीं कर देता, तब तक इस संगठन की वास्तविक क्षमता का उपयोग संभव नहीं होगा।