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ब्रिक्स ने यूरोपीय कार्बन टैक्स का किया विरोध, विकासशील देशों को नुकसान का अंदेशा
ब्रिक्स समूह ने कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म को एकतरफा और भेदभावपूर्ण बताया है। इससे विकासशील देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका जताई गई है।
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ब्रिक्स देशों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी स्पष्ट स्थिति व्यक्त की है। समूह ने कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (सीबीएएम) के खिलाफ मजबूत आपत्ति जताई है और इसे एकतरफा तथा भेदभावपूर्ण उपाय बताया है।
ब्रिक्स का मानना है कि यूरोपीय संघ द्वारा लागू किए जाने वाले इस कार्बन टैक्स से विकासशील राष्ट्रों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव पड़ेगा। इस तंत्र का सबसे गहरा प्रभाव स्टील, सीमेंट, खाद और एल्युमिनियम जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों पर पड़ने की आशंका है।
समूह का पक्ष है कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों को न्यायसंगत और समावेशी तरीके से तैयार किया जाना चाहिए। ब्रिक्स देशों के अनुसार, आर्थिक विकास और पर्यावरणीय चिंताओं को संतुलित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है।
यह विरोध विश्व व्यापार व्यवस्था में बढ़ती असमानता और विकसित देशों के नीतिगत निर्णयों के प्रति विकासशील देशों की चिंता को दर्शाता है।