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ब्रिक्स की घोषणा में एकतरफा व्यापार उपायों का विरोध, सीबीएएम पर चिंता
ब्रिक्स की नई दिल्ली घोषणा में कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और एकतरफा शुल्क उपायों का विरोध किया गया है। घोषणा में स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और सीमा सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
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ब्रिक्स देशों ने नई दिल्ली में जारी की गई अपनी नई घोषणा में वैश्विक व्यापार पर एकतरफा प्रतिबंधों और गैर-शुल्क बाधाओं का स्पष्ट विरोध दर्ज किया है। घोषणा में विकसित देशों द्वारा लागू किए जा रहे कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म को विशेष रूप से चिंता का विषय बताया गया है, जिसे विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए नुकसानदेह माना जा रहा है।
घोषणा में कहा गया है कि ऐसे एकतरफा व्यापार उपाय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नियमों के विपरीत हैं और विश्व व्यापार संगठन के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं। ब्रिक्स देश बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था को मजबूत करने की वकालत कर रहे हैं।
घोषणा के अनुसार, ब्रिक्स सदस्य देश सीमा शुल्क सहयोग को बढ़ाने और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को प्रोत्साहित करने पर सहमत हुए हैं। इसका उद्देश्य डॉलर पर निर्भरता कम करना और ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है।
इस घोषणा को न्यायसंगत और समावेशी वैश्विक व्यापार व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में ब्रिक्स देशों का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो विकासशील देशों के हितों की रक्षा करे।