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भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: युद्ध और अमेरिकी तनाव के बीच चुनौतीपूर्ण बातचीत
भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में वैश्विक संघर्षों और महाशक्तियों के बीच तनाव के बीच ब्लॉक की एकता की परीक्षा हो रही है। दिल्ली रूस और ईरान के साथ रणनीतिक संबंध बनाए रखते हुए अमेरिका और यूरोप से गहरे संबंध स्थापित करने का प्रयास कर रहा है।
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भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन एक महत्वपूर्ण क्षण में आयोजित हो रहा है जब बहुपक्षीय गठबंधन विभिन्न भूराजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे युद्धों और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच, ब्रिक्स सदस्य राष्ट्रों की एकता और सहमति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
भारत के लिए यह शिखर सम्मेलन एक नाजुक संतुलन बनाने का अवसर है। दिल्ली को रूस और ईरान जैसी शक्तियों के साथ अपने सुदृढ़ संबंधों को बनाए रखना है, जबकि साथ ही अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करना है। यह संतुलनकारी कार्य ब्रिक्स जैसे विविध समूह में भारत की नेतृत्व क्षमता का परीक्षण करता है।
शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व अर्थव्यवस्था, अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा और विकासशील देशों की समृद्धि जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। भारत के नेतृत्व में ब्रिक्स ब्लॉक का एजेंडा वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करना और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देना है।