Politics · India Bureau
BRICS संयुक्त राष्ट्र का विकल्प नहीं, बल्कि समर्थक है: जैशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि BRICS जैसे छोटे समूह संयुक्त राष्ट्र के विकल्प नहीं हैं, बल्कि इसके प्रति सहायक हैं। उन्होंने कहा कि ये समूह वैश्विक संस्थाओं के सुधार के लिए प्रयास करते हैं।
LSN India ·

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को इस बात को लेकर स्पष्टता दी कि BRICS जैसे क्षेत्रीय समूह संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के प्रतिद्वंद्वी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ये छोटे समूह वास्तव में बहुपक्षीय संस्थाओं को मजबूत करने का प्रयास करते हैं।
जैशंकर ने जोर दिया कि BRICS और इसी तरह के अन्य समूह संयुक्त राष्ट्र के ढांचे को कमजोर करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय, ये समूह अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार लाने और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने के लिए कार्य करते हैं।
विदेश मंत्री के अनुसार, ये सामूहिक प्रयास वैश्विक शांति और विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को और प्रभावी बनाने में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि बहुपक्षीय ढांचे को मजबूत करना ही इन समूहों का मुख्य उद्देश्य है।
जैशंकर का यह बयान इस बात को रेखांकित करता है कि भारत और अन्य BRICS देश वैश्विक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, न कि इसे चुनौती देने के लिए। वे मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार के माध्यम से एक अधिक न्यायसंगत और समावेशी विश्व व्यवस्था की वकालत करते हैं।