Business · India Bureau
भारत-ब्रिटेन के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता कौशल में गहन सहयोग की आवश्यकता: ब्रिटिश राजदूत
ब्रिटेन के उप उच्चायुक्त एंड्रू फ्लेमिंग ने कहा है कि भारत और ब्रिटेन को संयुक्त अनुसंधान, पाठ्यक्रम विकास और शिक्षक प्रशिक्षण के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता कौशल विकास में सहयोग को गहरा करना चाहिए।
LSN India ·

ब्रिटेन के उप उच्चायुक्त एंड्रू फ्लेमिंग ने भारत और ब्रिटेन के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र में व्यापक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया है। फ्लेमिंग के अनुसार, दोनों देशों को छात्र आदान-प्रदान से आगे बढ़कर एक समन्वित कौशल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना चाहिए।
ब्रिटिश राजनयिक ने संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, पाठ्यक्रम विकास और शिक्षकों के प्रशिक्षण को इस सहयोग के मुख्य स्तंभ बताया। इसके अलावा, उन्होंने उद्योग से जुड़े कौशल विकास कार्यक्रमों को भी इस साझेदारी का अभिन्न अंग माना।
फ्लेमिंग का मानना है कि ऐसे व्यापक सहयोग से दोनों देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत कर सकते हैं। भारत और ब्रिटेन के बीच यह साझेदारी प्रौद्योगिकी और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में नई संभावनाएं खोल सकती है।
ब्रिटिश उप उच्चायुक्त का यह कथन दोनों देशों के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। डिजिटल कौशल विकास के क्षेत्र में यह सहयोग भविष्य के पेशेवरों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।