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ब्रेक्सिट के बाद स्वीडन में ब्रिटिश नागरिक को निर्वासन का सामना
स्वीडन में बेहतर जीवन की तलाश में आए एक ब्रिटिश नागरिक को निर्वासन का खतरा है। गलत सलाह के कारण वह अब कैरवान में छिप कर रहने को मजबूर हो गया है।
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मार्क स्मिथ नामक एक ब्रिटिश नागरिक स्वीडन में अपने सपनों का जीवन बसाने आए थे, लेकिन अब उन्हें निर्वासन का सामना करना पड़ रहा है। ब्रेक्सिट के बाद निवास संबंधी आवश्यकताओं के बारे में गलत जानकारी दिए जाने के बाद स्मिथ और उनकी पत्नी अब कैरवान में छिप कर रह रहे हैं।
स्वीडिश अधिकारियों ने दंपति के निवास आवेदन को अस्वीकार कर दिया क्योंकि आवेदन के समय वे कानूनी रूप से विवाहित नहीं थे। हालांकि बाद में उन्होंने विवाह कर लिया, लेकिन यह उनके आवेदन की स्थिति में सुधार नहीं कर सका।
ब्रेक्सिट के बाद यूरोपीय संघ से बाहर निकले ब्रिटिश नागरिकों के साथ स्वीडन के कठोर निवास नियमों के संबंध में व्यापक चिंताएं उठी हैं। इसी तरह के मामलों में कई ब्रिटिश नागरिकों को प्रभावित होने की संभावना है।
स्मिथ का मामला ब्रेक्सिट के बाद यूरोप में ब्रिटिश प्रवासियों की बदलती कानूनी स्थिति की जटिलताओं को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय देशों के बीच प्रवास संबंधी स्पष्ट दिशानिर्देश की तुरंत आवश्यकता है।