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ब्रिटेन के हिंदुओं की निष्ठा यूके से है: आरएसएस प्रमुख भागवत

आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू शब्द को किसी धार्मिक प्रथा या जीवनशैली के आधार पर नहीं समझा जा सकता। उन्होंने यह विचार व्यक्त किए कि ब्रिटेन में रहने वाले हिंदुओं की वफादारी अपनी कर्मभूमि यानी यूनाइटेड किंगडम से है।

LSN India · 7 September 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा कि 'हिंदू' शब्द की परिभाषा किसी विशिष्ट धार्मिक क्रिया-कलाप या जीवन पद्धति पर आधारित नहीं हो सकती है। उनके अनुसार, यह शब्द एक व्यापक सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान को दर्शाता है।

भागवत ने विदेशों में रहने वाले हिंदुओं के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि ब्रिटेन में निवास करने वाले हिंदुओं की प्राथमिक वफादारी और निष्ठा उस देश के प्रति है जहां वे अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने इसे 'कर्मभूमि' की अवधारणा से जोड़ा, जिसका अर्थ है वह भूमि जहां कोई व्यक्ति अपने कर्म और जीवन का काम करता है।

आरएसएस प्रमुख के ये विचार प्रवासी भारतीयों की पहचान और राष्ट्रीयता के प्रश्न पर एक महत्वपूर्ण परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत करते हैं। भागवत का यह वक्तव्य यह स्पष्ट करता है कि विश्व के किसी भी हिस्से में रहने वाले हिंदुओं को अपने वर्तमान निवास स्थान के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देनी चाहिए।