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ब्रोकर के खाते में पैसे डालना होगा महंगा, UPI मुफ्त रह सकता है
निवेशकों के लिए UPI मुक्त रह सकता है, लेकिन ट्रेडिंग खाते में धन भेजने पर ब्रोकरों को नई लागत का सामना करना पड़ सकता है। नेट बैंकिंग और बैंक ट्रांसफर पर भी खर्च बढ़ने की संभावना है।
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भारतीय प्रतिभूति बाजार में निवेशकों के लिए ब्रोकिंग खाते में धन जमा करने की लागत बदलने वाली है। यूपीआई के माध्यम से पैसे भेजने पर निवेशकों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ सकता, लेकिन ब्रोकरों को प्रत्येक लेनदेन पर नई कीमत चुकानी पड़ सकती है।
नेट बैंकिंग और सीधे बैंक ट्रांसफर के माध्यम से खाते में धन भेजने पर भी ब्रोकरों की लागत में वृद्धि हो सकती है। यह शुल्क उन निवेशकों को भी प्रभावित कर सकता है जो अभी तक कोई व्यापार नहीं करते और केवल अपने खाते में पैसे रखते हैं।
इस बदलाव से संबंधित विस्तृत दिशानिर्देश और कार्यान्वयन की प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं हुई है। ब्रोकरेज संस्थाओं को इन नई लागतों को अपने ग्राहकों को कैसे प्रस्तुत करना है, यह आने वाले समय में तय होगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे छोटे निवेशकों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ सकता है।
इस बदलाव का उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में लागत को अधिक पारदर्शी बनाना माना जा रहा है, किंतु इसके व्यावहारिक प्रभाव अभी देखे जाने हैं।