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संविधान से बड़ा कुछ नहीं: बीआरएस का मतदाता सूची संशोधन पर हमला
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी राम राव ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर नाम कटने का आरोप लगाते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है। पार्टी ने दावा किया है कि चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता को प्रभावित करने वाली असंगतियां सामने आई हैं।
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तेलंगाना की प्रमुख राजनीतिक पार्टी बीआरएस ने मतदाता संशोधन प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के टी राम राव ने कहा है कि संविधान के मूल्यों से बड़ा कोई मुद्दा नहीं है और इसी कारण वे इस मामले पर अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे। उन्होंने आरोप लगाया है कि कई निर्वाचन क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर मतदाता नाम हटाए जा रहे हैं, जो एक चिंताजनक प्रवृत्ति है।
बीआरएस का मानना है कि यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है और इसमें पारदर्शिता का अभाव है। पार्टी ने इस मामले में विस्तृत जांच की अपील की है ताकि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके। राम राव ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
इस अभियान के माध्यम से बीआरएस यह संदेश देना चाहती है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखना सभी का कर्तव्य है। पार्टी का मानना है कि मतदाता सूची से गैरकानूनी तरीके से नाम निकालना आम नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन है। बीआरएस ने संबंधित प्राधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।