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समाजवादी पार्टी का दोहरा चेहरा: सामाजिक न्याय का नारा, टिकट सत्ताधीशों को, मायावती का आरोप
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी पर सामाजिक न्याय का दावा करते हुए टिकट वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने पिछड़ी जातियों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों को समाजवादी पार्टी की नीयत के बारे में सचेत रहने की चेतावनी दी है।
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बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी (एसपी) के राजनीतिक रवैये पर तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और कमजोर वर्गों के कल्याण का जुमला देती है, लेकिन व्यावहारिक रूप से टिकट वितरण में सत्तासीन और प्रभावशाली समूहों को तरजीह देती है।
मायावती ने अपने बयान में विशेष रूप से पिछड़ी जातियों, दलितों, अनुसूचित जनजातियों और अल्पसंख्यक समुदायों को समाजवादी पार्टी की नीतियों से अवगत कराने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि इन समुदायों को समाजवादी पार्टी के तथाकथित प्रगतिशील एजेंडे और उसके वास्तविक कार्यों के बीच के अंतर को समझना चाहिए।
बीएसपी नेतृत्व का कहना है कि सामाजिक रूप से कमजोर तबकों को केवल वादों के माध्यम से बरगलाया जा रहा है, जबकि राजनीतिक लाभ सत्ताधीश वर्गों को दिया जा रहा है। यह आरोप उत्तर प्रदेश और अन्य क्षेत्रों में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बीच आया है।
मायावती के आरोपों से समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच अंतर्विरोध और भी स्पष्ट हो गए हैं। दोनों दलें कमजोर वर्गों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर आपस में एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते रहे हैं।