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दस लाख रुपये से सस्ती कारों की बिक्री में गिरावट, बाजार हिस्सेदारी 80% से गिरकर 52% हुई
भारतीय यात्री वाहन बाजार में बड़ा बदलाव दिख रहा है। जहां समग्र बाजार पिछले छह वर्षों में 54 प्रतिशत बढ़ा है, वहीं सस्ती कारों की बिक्री में ठहराव आया है।
LSN India ·

देश के यात्री वाहन क्षेत्र में सस्ती कारों की मांग में सुस्पष्ट गिरावट दर्ज हुई है। दस लाख रुपये से कम कीमत वाली कारों की बाजार में हिस्सेदारी 2019 में 80 प्रतिशत से घटकर 2025 में 52 प्रतिशत रह गई है।
इस अवधि में जहां पूरा यात्री वाहन बाजार 54 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज कर रहा है, वहीं सस्ती कारों की बिक्री वॉल्यूम लगभग समान बनी हुई है। इसका मतलब यह है कि उपभोक्ता अधिक महंगी और प्रीमियम कारों की ओर रुख कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति शहरी क्रेताओं की क्रय क्षमता में वृद्धि और जीवनशैली में बदलाव को दर्शाती है।
दूसरी ओर, प्रयुक्त कार बाजार में सस्ती वाहनों की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। नौ में से नौ प्रयुक्त कारें दस लाख रुपये या उससे कम कीमत पर बिकती हैं। यह स्थिति नई कारों की बढ़ती कीमतों और मध्यवर्गीय परिवारों की सीमित क्रय क्षमता का संकेत देती है।
इंडस्ट्री विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव आने वाले वर्षों में और गहरा हो सकता है। महंगाई और ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बीच, कई खरीदार प्रयुक्त वाहनों की ओर झुक रहे हैं, जो सस्ते सेगमेंट की नई कारों का विकल्प प्रदान करते हैं।