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वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही में कौशल विकास मंत्रालय सबसे पिछड़ा
सरकारी लेखा नियंत्रक के आंकड़ों में खुलासा हुआ कि 47 प्रमुख मंत्रालयों में से केवल 19 ने ही अपने बजट का 45 प्रतिशत से अधिक व्यय किया। रेल मंत्रालय 77 प्रतिशत खर्च कर शीर्ष पर रहा।
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भारत सरकार के बजट व्यय में बड़ी विषमता सामने आई है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कौशल विकास और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने अपने आवंटित बजट का सबसे कम हिस्सा खर्च किया है।
सरकारी लेखा नियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के अनुसार, 47 प्रमुख मंत्रालयों और विभागों में से मात्र 19 ने ही अपने वार्षिक बजट का 45 प्रतिशत से अधिक व्यय किया है। यह स्थिति बताती है कि अधिकांश मंत्रालय अपने लक्ष्य से पिछड़ गए हैं।
इसके विपरीत, रेल मंत्रालय ने सर्वोच्च खर्च दर प्रदर्शित की है, जहां इसने अपने बजट का 77 प्रतिशत खर्च कर दिया है। खान मंत्रालय दूसरे स्थान पर है, जिसने 75 प्रतिशत व्यय किया है। ये दोनों मंत्रालय अपनी योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी बनाए हुए हैं।
व्यय की इस असमानता से संकेत मिलता है कि कई मंत्रालयों को अपनी परियोजनाओं के कार्यान्वयन में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को इस स्थिति में सुधार लाने के लिए वर्ष की शेष अवधि में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है।