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दिवाली की झालर को खराब न समझें, ये आसान तरीकों से करें मरम्मत
दिवाली के सजावट में लगी झालर के बल्ब या तार खराब हो जाएं तो उन्हें फेंकने की जरूरत नहीं। सही तरीके से खराबी की पहचान करके इन्हें दोबारा से काम में लाया जा सकता है।
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दिवाली के पर्व में घरों और दुकानों को सजाने के लिए रंग-बिरंगी झालरें लगाई जाती हैं। लेकिन अक्सर इन सजावटों में कुछ बल्ब या पूरी लाइट काम करना बंद कर देती है। ऐसी स्थिति में नई झालर खरीदने से पहले मौजूदा उपकरणों की मरम्मत करना ज्यादा किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है।
राइस लाइट या LED झालर में खराबी की शुरुआत आमतौर पर एक-दो बल्ब के खराब होने से होती है। इन बल्बों को पहचानने के लिए धीरे-धीरे हर बल्ब को चेक किया जा सकता है। यदि कोई बल्ब काला या टूटा हुआ दिखे, तो उसे बदल देना चाहिए। इसके अलावा तारों में कहीं टूट-फूट या जंग लगी हो सकती है, जिसे बारीकी से देखा जा सकता है।
झालर की तार को सावधानीपूर्वक सीधा करते हुए हर जोड़ को चेक किया जाना चाहिए। कई बार तार के सिरे अच्छी तरह से जुड़े नहीं होते, जिससे बिजली का प्रवाह रुक जाता है। तार को फिर से कनेक्ट करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि सभी उपकरण बिजली से डिस्कनेक्ट हों।
छोटी खराबियों को दूर करने के बाद भी यदि झालर काम न करे, तो विद्युत विशेषज्ञ की सहायता लेनी चाहिए। नई झालर खरीदने से यह विकल्प न केवल धन बचाता है, बल्कि पुरानी चीजों के पुनरुपयोग को भी बढ़ावा देता है। सही रखरखाव से दिवाली की सजावटें कई साल तक चल सकती हैं।