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ओडिशा में खनन में ₹1,210 करोड़ की अनियमितता का खुलासा: CAG
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट में ओडिशा में खनन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 1.18 करोड़ टन कोयला पर्यावरणीय मंजूरी की सीमा से अधिक और वैध अनुमति के बिना खोदा गया।
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ओडिशा में खनन गतिविधियों की नियामक जांच में CAG ने गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया है। पूरी जांच के दौरान ₹1,210 करोड़ की वित्तीय विसंगतियां पाई गई हैं जो केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और निजी खनन ऑपरेटरों दोनों से संबंधित हैं।
CAG की ऑडिट रिपोर्ट में विशेषकर यह पाया गया कि 1.18 करोड़ टन कोयले का खनन पर्यावरणीय निकायों द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में किया गया। इसके अलावा, खनन के लिए आवश्यक वैध पर्यावरणीय मंजूरी (EC) के बिना भी महत्वपूर्ण मात्रा में खनन कार्य संचालित किए गए।
यह खुलासा खनिज खनन विकास और विनियमन (MMDR) कानून संबंधी चल रही बहस के बीच आया है। खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और नियामक अनुपालन को लेकर सरकार और हितधारकों के बीच विभिन्न दृष्टिकोण हैं।
CAG की रिपोर्ट के निष्कर्षों से ओडिशा में खनन संचालन की निगरानी व्यवस्था की कमजोरियां सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अनियमितताओं को रोकने के लिए खनन गतिविधियों पर अधिक कड़ी निगरानी की आवश्यकता है।