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पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष परगत सिंह सकते हैं गुटबाजी पाट सकेंगे?

पंजाब कांग्रेस का नेतृत्व संभालने के बाद परगत सिंह पार्टी के विभाजित गुटों को एकजुट करने की कोशिश में हैं। सवाल यह है कि क्या यह नई शांति टिकाऊ साबित होगी।

LSN India · 3 October 2026

पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष परगत सिंह सकते हैं गुटबाजी पाट सकेंगे?

पंजाब कांग्रेस की कमान संभालते हुए परगत सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के आंतरिक विभाजन को दूर करना है। लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी और आपसी कलह ने कांग्रेस को कमजोर किया है। ऐसे माहौल में नए अध्यक्ष को संतुलन बनाते हुए सभी पक्षों को साथ लाने की जिम्मेदारी दी गई है।

पंजाब में कांग्रेस की आंतरिक कलह पिछले कई सालों से पार्टी के प्रदर्शन को प्रभावित कर रही है। विभिन्न नेताओं के बीच सत्ता के लिए संघर्ष और विचारों में मतभेद पार्टी की एकता को नुकसान पहुंचाते रहे हैं। परगत सिंह की नियुक्ति इसी समस्या के समाधान के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों के नेताओं को समान महत्व देकर परगत सिंह को एक संतुलनकारी भूमिका निभानी होगी। उनके सामने विरोधी स्वार्थों के बीच सामंजस्य बनाए रखने की कला का परिचय देना होगा। यह एक नाजुक राजनीतिक संतुलन है जो भविष्य में कायम रह सकता है या फिर टूट सकता है।

आने वाले महीनों में परगत सिंह की कार्यप्रणाली से यह साफ हो जाएगा कि क्या वह पंजाब कांग्रेस में स्थायी शांति ला सकते हैं। पार्टी के पुनरुद्धार के लिए आवश्यक है कि विभिन्न गुटों के बीच विश्वास की बहाली की जाए और एक सामान्य एजेंडा तय किया जाए। यह परीक्षा परगत सिंह की राजनीतिक परिपक्वता और नेतृत्व क्षमता की असली कसौटी होगी।