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कनाडा ने शरिया कानून के तहत तलाक को अमान्य माना, पत्नी का पीआर आवेदन खारिज
एक भारतीय पुरुष का अपनी इथियोपियाई पत्नी के लिए स्थायी निवास (पीआर) आवेदन कनाडा में खारिज कर दिया गया। कनाडाई अधिकारियों ने महिला के पहली शादी से शरिया कानून के तहत हुए तलाक को कानूनी रूप से मान्यता नहीं दी।
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कनाडाई आप्रवासन अधिकारियों ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में अपनी इथियोपियाई पत्नी के लिए स्थायी निवास का आवेदन करने वाले एक पुरुष को खारिज कर दिया है। इस केस में मुख्य मुद्दा महिला के पहली शादी से शरिया कानून के तहत हुए तलाक की कानूनी वैधता को लेकर है।
कनाडाई आप्रवासन विभाग ने अपने निर्णय में कहा कि इस्लामिक कानून के तहत दिया गया तलाक कनाडा की नागरिकता और आप्रवास संबंधी आवश्यकताओं के अनुसार स्वीकार्य नहीं है। विभाग के अनुसार, महिला की पहली शादी अभी भी कानूनी रूप से वैध मानी जाती है, जिससे वर्तमान विवाह की वैधता पर सवाल उठता है।
यह मामला धार्मिक कानूनों और कनाडाई कानूनी प्रणाली के बीच होने वाले अंतरराष्ट्रीय विवादों का एक उदाहरण है। कई देशों में शरिया कानून के तहत दिए गए तलाक को मान्यता दी जाती है, लेकिन कनाडा सहित पश्चिमी देशों में इसे लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण हैं।
इस निर्णय से ऐसे परिवारों को गंभीर कानूनी और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जहां विभिन्न धार्मिक परंपराओं के तहत विवाह और तलाक की प्रक्रिया अपनाई गई हो। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय कानूनी समन्वय की आवश्यकता है।