LSN News › India

World · India Bureau

कनाडाई किशोर ने डार्क एनर्जी के विकल्प सिद्धांत के लिए यूरोपीय पुरस्कार जीता

ओंटारियो के किंग्स्टन से 14 वर्षीय लियाम डेसरे ने ब्रह्मांड के त्वरण को समझाने के लिए एक नवीन सिद्धांत प्रस्तुत किया है। उनके अभिनव शोध को यूरोपीय संघ के युवा वैज्ञानिक प्रतियोगिता में दूसरा पुरस्कार मिला।

LSN India · 1 October 2026

कनाडाई किशोर ने डार्क एनर्जी के विकल्प सिद्धांत के लिए यूरोपीय पुरस्कार जीता

दसवीं कक्षा के छात्र लियाम डेसरे ने ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने का एक अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। जर्मनी में आयोजित यूरोपीय संघ की युवा वैज्ञानिकों प्रतियोगिता में उनके शोध को दूसरा पुरस्कार दिया गया, जिसके साथ उन्हें 5,000 यूरो की राशि प्राप्त हुई।

डेसरे के अभिनव सिद्धांत ने ब्रह्मांड के त्वरित विस्तार को समझाने के लिए पारंपरिक दृष्टिकोण को चुनौती दी है। वर्तमान में, वैज्ञानिकों का मानना है कि ब्रह्मांड का त्वरण डार्क एनर्जी नामक एक रहस्यमय शक्ति के कारण होता है। हालांकि, किंग्स्टन के इस प्रतिभाशाली किशोर ने इसके बजाय एंट्रॉपी, यानी ब्रह्मांड में विकार और अनिश्चितता के प्रभाव पर ध्यान केंद्रित किया है।

डेसरे का शोध मौजूदा ब्रह्मांडीय सिद्धांतों में एक ताज़ा दृष्टिकोण लाता है और यह दर्शाता है कि युवा वैज्ञानिकों के पास जटिल समस्याओं को हल करने की क्षमता है। उनके विचारों को यूरोपीय स्तर पर मान्यता मिलना ब्रह्मांड विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण क्षण है।

यह उपलब्धि न केवल डेसरे के लिए बल्कि भारत समेत दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के युवा वैज्ञानिकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। यह दर्शाता है कि वैज्ञानिक नवाचार की कोई आयु सीमा नहीं है और सही दिशा में विचार करने से बड़ी खोजें संभव हो सकती हैं।