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कैंसर दवाओं की कीमतों में कोई बदलाव नहीं: डेटा विश्लेषण
नई दिल्ली: सरकार के 137 गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन सीमित करने के निर्णय से 643 में से 484 दवाओं की कीमतें कम हुई हैं, लेकिन लगभग एक चौथाई दवाओं की कीमतें अपरिवर्तित रहीं। राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण के डेटा विश्लेषण से पता चलता है कि यह उपाय कैंसर रोगियों को कितनी राहत देगा, यह सवाल अभी बना हुआ है।
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राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि केंद्र सरकार के हाल के कदम की प्रभावशीलता सीमित प्रतीत हो रही है। 137 गैर-अनुसूचित कैंसर विरोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन को नियंत्रित करने के निर्णय से कुल 643 दवा पैकेजिंग में से 484 की अधिकतम खुदरा कीमतें (एमआरपी) में कमी आई है।
हालांकि, लगभग 25 प्रतिशत दवा पैकेजिंग की कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। यह स्थिति देश भर में कैंसर रोगियों के लिए चिकित्सा सेवा को सस्ता और सुलभ बनाने की सरकार की नीति की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
दवा कीमतों में यह आंशिक कमी इंगित करती है कि व्यापार मार्जिन को सीमित करने के उपाय का असर सभी दवाओं पर समान रूप से नहीं हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि इस नीति में आगे सुधार की आवश्यकता है ताकि कैंसर रोगियों को वित्तीय बोझ से बेहतर राहत मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह कदम कैंसर उपचार को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। तथापि, आंकड़ों से स्पष्ट है कि एक व्यापक और समन्वित दृष्टिकोण की आवश्यकता है जो सभी रोगियों को समान लाभ सुनिश्चित करे।