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पूंजी का सदुपयोग: व्यवस्था कितनी सक्षम है?

अर्थव्यवस्था के लिए यह महत्वपूर्ण सवाल नहीं है कि पूंजी कितनी उपलब्ध है, बल्कि यह है कि इसे कौन निर्देशित करता है और क्या व्यवस्था इसका उत्पादक उपयोग कर सकती है।

LSN India · 2 November 2026

पूंजी का सदुपयोग: व्यवस्था कितनी सक्षम है?

आर्थिक विकास के संदर्भ में पूंजी की उपलब्धता केवल एक पहलू है। अधिक महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि पूंजी किन प्रोत्साहनों के तहत किन हाथों में जाती है और क्या मौजूदा व्यवस्था इसे वास्तविक उत्पादक कार्यों में लगा सकती है।

विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के सामने यह चुनौती विशेष रूप से प्रासंगिक है। भारत सहित कई देशों में पूंजी तो उपलब्ध है, किंतु निवेश के निर्णय लेने वाले संस्थानों और व्यक्तियों के सही प्रोत्साहन न होने से यह पूंजी अक्सर अनुत्पादक क्षेत्रों में चली जाती है।

व्यवस्था की क्षमता का आकलन करने के लिए यह देखना जरूरी है कि पूंजी निर्धारण में पारदर्शिता है या नहीं, नियामक ढांचा कितना प्रभावी है, और क्या दीर्घकालीन आर्थिक विकास को प्रोत्साहन दिया जाता है।

आर्थिक नीति निर्माताओं को इस बात पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए कि केवल पूंजी जुटाने के बजाय, ऐसी संस्थागत व्यवस्था बनाई जाए जो पूंजी को सबसे उत्पादक उपयोग की ओर निर्देशित करे। यही दीर्घमेयादी आर्थिक समृद्धि की कुंजी है।