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पूंजीगत लाभ कर में कटौती विदेशी निवेश लाने में कारगर नहीं हो सकती

विशेषज्ञों का मानना है कि श्रम और पूंजी से होने वाली आय पर समान सिद्धांत के आधार पर कर लगाया जाना चाहिए। पूंजीगत लाभ कर में केवल कटौती विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

LSN India · 6 November 2026

पूंजीगत लाभ कर में कटौती विदेशी निवेश लाने में कारगर नहीं हो सकती

भारत में विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा पूंजीगत लाभ कर में कटौती का प्रस्ताव किया जा रहा है। हालांकि, आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि केवल कर दरों में कमी से ही वांछित परिणाम नहीं मिल सकते। विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अधिक व्यापक और संतुलित नीति की आवश्यकता है।

कर नीति के सिद्धांतों पर विचार करते हुए विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि चाहे आय श्रम से हो या पूंजि से, उसे समान आधार पर कर लगाया जाना चाहिए। विचारधारा से परे, आर्थिक न्याय और कर व्यवस्था की निष्पक्षता को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है। असमान कर दरें बाजार विकृतियों को बढ़ावा दे सकती हैं और आर्थिक असमानता को गहरा कर सकती हैं।

वर्तमान वैश्विक संदर्भ में विदेशी निवेश के निर्णय केवल कर दरों पर नहीं बल्कि अन्य कारकों पर भी निर्भर करते हैं। बुनियादी ढांचा, कानूनी निश्चितता, कुशल जनशक्ति और राजनीतिक स्थिरता जैसे कारक समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। भारत को विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है, न कि केवल कर दरों में छूट पर निर्भर रहना चाहिए।

भारतीय अर्थव्यवस्था के दीर्घकालिक विकास के लिए न्यायसंगत और स्थिर कर नीति अधिक महत्वपूर्ण है। सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जो न केवल विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करें, बल्कि राजस्व संग्रह और सामाजिक न्याय के बीच संतुलन भी बनाए रखें।