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दस साल की उम्र में हर बच्चे को कोलेस्ट्रॉल जांच करानी चाहिए: कार्डिओलॉजिस्ट
प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ अशोक सेठ का मानना है कि बचपन से ही कोलेस्ट्रॉल स्तर की जांच से हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है। उनके अनुसार दस वर्ष की आयु से प्रत्येक बच्चे को नियमित रूप से यह परीक्षण करवाना चाहिए।
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भारत में हृदय रोगों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए कार्डिओलॉजिस्ट अशोक सेठ ने प्रारंभिक जांच पर जोर दिया है। उनका कहना है कि दस साल की उम्र से ही बच्चों में कोलेस्ट्रॉल स्तर की जांच एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य उपाय होना चाहिए। यह कदम भविष्य में हृदय संबंधी जटिलताओं के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है।
विशेषज्ञ का मत है कि बचपन में ही स्वास्थ्य संबंधी आदतें और नियमित जांच से व्यक्ति को आगे चलकर गंभीर हृदय रोगों से बचाया जा सकता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ना हृदय रोग का एक प्रमुख कारण है, और इसे नियंत्रित रखना आवश्यक है।
सेठ का यह सुझाव इस बात का संकेत देता है कि भारत में हृदय रोगों की रोकथाम के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति में परिवर्तन की आवश्यकता है। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और व्यायाम जैसे उपायों को बचपन से ही अपनाना चाहिए। विशेषज्ञ के अनुसार, प्रत्येक माता-पिता को अपने बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए सचेत रहना चाहिए।