LSN News › India

World · India Bureau

बिल्लियां अपनी पहचान के लिए मूत्र में रासायनिक 'आईडी' का उपयोग करती हैं: अध्ययन

एक नए वैज्ञानिक अध्ययन से पता चला है कि बिल्लियां अपने मूत्र में विशेष फैटी एसिड का इस्तेमाल करती हैं जो रासायनिक पहचान का काम करते हैं। ये अणु बिल्लियों को एक-दूसरे को लंबे समय तक पहचानने में मदद करते हैं।

LSN India · 21 September 2026

बिल्लियां अपनी पहचान के लिए मूत्र में रासायनिक 'आईडी' का उपयोग करती हैं: अध्ययन

वैज्ञानिकों के एक नए अध्ययन में यह खुलासा हुआ है कि बिल्लियां एक-दूसरे की पहचान करने के लिए अपने मूत्र में मौजूद विशेष रासायनिक पदार्थों का उपयोग करती हैं। ये रसायन वास्तव में शाखायुक्त श्रृंखला वाले फैटी एसिड हैं जो प्रत्येक बिल्ली के लिए अलग-अलग होते हैं।

अनुसंधान से पता चलता है कि ये फैटी एसिड बिल्लियों के लिए एक विशिष्ट 'आईडी कार्ड' की तरह काम करते हैं। जब एक बिल्ली अपने मूत्र के माध्यम से ये पदार्थ छोड़ती है, तो वह अपने सामाजिक नेटवर्क में अन्य बिल्लियों को अपनी पहचान बताती है। ये सुगंध पहचान चिन्ह लंबे समय तक बनी रहते हैं, जिससे बिल्लियां एक-दूसरे को दूर से भी पहचान सकती हैं।

वैज्ञानिकों का मानना है कि गुर्दे इन गंध अणुओं को संचित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह खोज बिल्लियों के संचार तंत्र के बारे में नई जानकारी प्रदान करती है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि बिल्लियां अपने समाज में एक-दूसरे से कैसे संवाद स्थापित करती हैं।

यह अध्ययन जानवरों के व्यवहार और उनकी संवेदी क्षमताओं को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह शोध पालतू बिल्लियों से लेकर जंगली बिल्लियों के व्यवहार को समझने में सहायक साबित हो सकता है।