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यूके से आयात पर रियायती शुल्क के लिए सीबीआईसी ने दस्तावेज़ नियम सरल किए
भारतीय सीमा शुल्क बोर्ड ने भारत-यूके व्यापार समझौते के तहत आयात शुल्क में छूट प्राप्त करने की प्रक्रिया को सुगम बनाया है। अब मूल घोषणा पत्र पर्याप्त होगा और फॉर्म-आई केवल विशेष जांच की स्थिति में मांगा जाएगा।
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भारतीय सीमा शुल्क बोर्ड ने भारत-यूनाइटेड किंगडम समन्वित व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईटीए) के तहत रियायती शुल्क का दावा करने की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। नई व्यवस्था के अनुसार, आयातकों को अब सिर्फ मान्य मूल घोषणा प्रस्तुत करनी होगी ताकि वे आयात पर कम शुल्क का लाभ उठा सकें।
सीबीआईसी ने स्पष्ट किया है कि पारंपरिक फॉर्म-आई दस्तावेज़ केवल तभी आवश्यक होगा जब सीमा शुल्क विभाग किसी माल को विशेष जांच के लिए चिन्हित करे। इससे आयात प्रक्रिया में लगने वाला समय और प्रशासनिक बोझ में उल्लेखनीय कमी आएगी।
यह सुधार भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया है। दोनों देशों के बीच सीईटीए समझौता विभिन्न वस्तुओं पर आयात शुल्क में छूट प्रदान करता है, जिससे व्यापार सुविधा बढ़ती है।
यह कदम व्यापारियों और आयातकों के लिए एक सकारात्मक विकास माना जा रहा है, क्योंकि इससे उन्हें दस्तावेज़ीकरण संबंधी जटिलताओं से मुक्ति मिलेगी और व्यापार प्रवाह में तेजी आएगी।