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एमएसएमई कर्जों के लिए लचीले नियम अपनाएं: मुख्य आर्थिक सलाहकार

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि सभी छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए एकसमान 90 दिन की अतिदेय अवधि उपयुक्त नहीं है। विभिन्न क्षेत्रों के व्यवसायों के नकदी प्रवाह चक्र भिन्न होते हैं।

LSN India · 9 October 2026

एमएसएमई कर्जों के लिए लचीले नियम अपनाएं: मुख्य आर्थिक सलाहकार

देश के शीर्ष आर्थिक सलाहकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए बैंकिंग नियमों में लचीलापन लाने की जरूरत पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि विशेष उल्लेख खातों (स्पेशल मेंशन अकाउंट्स) से संबंधित मौजूदा नियम सभी एमएसएमई क्षेत्रों के लिए समान रूप से काम नहीं कर सकते।

नागेश्वरन के अनुसार, विभिन्न उद्योगों में कार्यशील पूंजी की आवश्यकताएं और आय का समय अलग-अलग होता है। कृषि से जुड़े व्यवसायों, निर्माण क्षेत्र और सेवा उद्योगों के नकदी प्रवाह के पैटर्न एक दूसरे से काफी अलग हो सकते हैं। इसलिए 90 दिन की एकसमान अतिदेय अवधि को लागू करना व्यावहारिक नहीं है।

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने सुझाव दिया है कि बैंकिंग नियामक को प्रत्येक क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एमएसएमई कर्जों के लिए अलग-अलग मानदंड विकसित करने चाहिए। इससे छोटे व्यवसायों को अधिक सहायक बैंकिंग वातावरण मिल सकेगा।

यह मुद्दा भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि एमएसएमई क्षेत्र रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का एक प्रमुख चालक है। अधिक लचीले ऋण नियम उद्यमियों के लिए व्यवसायिक स्थिरता बनाए रखना आसान बना सकते हैं।