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सीईसी के खिलाफ याचिका: आधिकारिक कर्तव्य अपराध से ढाल नहीं दे सकते

सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका का दावा है कि चुनाव आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश कुमार को सामान्य अभियुक्त की तरह जांच और मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है। याचिका में कहा गया है कि आधिकारिक पद का दुरुपयोग करके किए गए अपराध सुरक्षा के दायरे में नहीं आते।

LSN India · 25 September 2026

सीईसी के खिलाफ याचिका: आधिकारिक कर्तव्य अपराध से ढाल नहीं दे सकते

सुप्रीम कोर्ट में दायर एक महत्वपूर्ण याचिका में यह तर्क प्रस्तुत किया गया है कि चुनाव आयोग के अध्यक्ष को उनके आधिकारिक पद के कारण आपराधिक जांच से संरक्षण नहीं दिया जा सकता। याचिकाकर्ता का मानना है कि यदि कोई संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति अपने कर्तव्यों के दौरान जानबूझकर रिकॉर्ड में हेराफेरी करता है, नकली दस्तावेज तैयार करता है, या चुनावी प्रक्रिया को क्षतिग्रस्त करता है, तो उन कार्यों को आधिकारिक कर्तव्यों का अभिन्न अंग नहीं माना जा सकता।

याचिका में स्पष्ट किया गया है कि भारतीय संविधान के तहत किसी भी संवैधानिक पद के प्रति जवाबदेही और पारदर्शिता के सिद्धांत को बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि सार्वजनिक पद पर आसीन व्यक्तियों को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता, विशेषकर जब उनकी कार्रवाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करती हो।

यह याचिका संवैधानिक सत्ताओं की जवाबदेही के मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण कानूनी सवाल उठाती है। याचिका के अनुसार, आधिकारिक कर्तव्यों का दुरुपयोग करके किए गए किसी भी अपराध की जांच और पुलिस कार्रवाई की जा सकती है, जिस तरह किसी सामान्य अभियुक्त के मामले में की जाती है। सुप्रीम कोर्ट से अपेक्षा की जा रही है कि वह इस महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रश्न पर विचार करेगा।