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चुनाव आयोग प्रमुख को सर्वोच्च न्यायालय जैसे ही हटाया जा सकता है: चुनाव आयोग
चुनाव आयोग ने शीर्ष अदालत में दाखिल संयुक्त हलफनामे में कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज में बाधा डालने का कोई भी प्रयास 2023 अधिनियम के विरुद्ध है। आयोग का दावा है कि फॉर्म 6 में कोई संशोधन नहीं किया गया है।
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चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार और चुनाव आयुक्त संधु तथा जोशी की ओर से दाखिल एक संयुक्त हलफनामे में कहा गया है कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त को केवल सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की तरह ही हटाया जा सकता है। हलफनामे में यह स्पष्ट किया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज को किसी भी तरह से प्रतिबंधित करने का प्रयास 2023 अधिनियम की व्यवस्थाओं के सीधे विरुद्ध है।
चुनाव आयोग द्वारा यह दावा भी किया गया है कि चुनाव प्रक्रिया से संबंधित फॉर्म 6 में कोई संशोधन नहीं किया गया है। आयोग का यह स्पष्टीकरण मौजूदा विवादास्पद मुद्दों को सुलझाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसी बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने कुछ प्रविष्टियों को शामिल किए जाने के संबंध में अपील दर्ज की है। यह कदम चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता को लेकर उठे सवालों के बीच उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग के इस रुख से संस्थागत स्वायत्तता और संवैधानिक ढांचे की मजबूती के संकेत मिलते हैं।