Politics · India Bureau
आयकर अधिनियम की धारा 147A को लेकर केंद्र सुप्रीम कोर्ट में गया
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाई है। उच्च न्यायालय ने कर पुनर्मूल्यांकन संबंधी पूर्वव्यापी प्रावधान को खारिज कर दिया था।
LSN India ·

भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें आयकर अधिनियम की धारा 147A को असंवैधानिक ठहराया गया था। यह धारा राजस्व विभाग के अधिकारियों को कर पुनर्मूल्यांकन की शक्तियां देती है।
उच्च न्यायालय का निर्णय इस महत्वपूर्ण प्रावधान को निरस्त करता है जो पूर्वव्यापी रूप से लागू होता है। सरकार का तर्क है कि इस धारा के जरिए कर निर्धारण अधिकारियों को अनिर्धारित या कम निर्धारित आय की पहचान करने की वैधानिक शक्ति मिलती है।
सुप्रीम कोर्ट में की गई यह अपील राजस्व विभाग की कर वसूली क्षमता को प्रभावित कर सकती है। मामले का फैसला संपूर्ण देश में कर निर्धारण प्रक्रिया और सरकार की राजस्व नीति पर दूरगामी असर डाल सकता है।
इस विवाद के केंद्र में धारा 147A की वैधानिकता और उसकी संवैधानिकता का मुद्दा है। केंद्र सरकार का दावा है कि यह प्रावधान करदाताओं के साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।