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सर्वोच्च न्यायालय के 2025 के फैसले को CAPF Act नहीं दे सकता है नकार: केंद्र
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल अधिनियम सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को रद्द नहीं कर सकता है। मंत्रालय ने जोर देते हुए कहा कि IPS अधिकारियों का प्रतिनियुक्ति अनिवार्य बनी हुई है।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2025 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल अधिनियम के माध्यम से रद्द या संशोधित नहीं किया जा सकता है। मंत्रालय ने इस संबंध में अदालत में अपना लिखित जवाब दाखिल किया है।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रतिवादी हलफनामे में कहा है कि इस कदम से न तो न्यायालय के फैसले को चुनौती दी जा रही है और न ही सर्वोच्च न्यायालय की सत्ता को नकारा जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मंत्रालय का इरादा केवल तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दों को स्पष्ट करना है।
मंत्रालय ने इस मामले में IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को अनिवार्य बनाए रखने पर बल दिया है। अधिकारी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करना केंद्रीय सरकार की प्राथमिकता है और कोई भी कानून इस निर्णय को निरस्त नहीं कर सकता।
यह मामला भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की नियुक्ति और प्रतिनियुक्ति के संबंध में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में नियमों से संबंधित है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले के निर्णय से देश भर में सुरक्षा बलों के संगठन ढांचे पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।