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कानून-व्यवस्था से जुड़ी पोस्ट्स पर मेटा को केंद्र की कार्रवाई

सरकार ने मेटा को अपनी कंटेंट रेकमेंडेशन प्रणाली की समीक्षा करने के लिए कहा है ताकि कानून-व्यवस्था संबंधी पोस्ट्स से जनता में भ्रम और अव्यवस्था न फैले। डिजिटल अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस कदम पर सेंसरशिप और भाषण की स्वतंत्रता को लेकर चिंता जताई है।

LSN India · 18 October 2026

कानून-व्यवस्था से जुड़ी पोस्ट्स पर मेटा को केंद्र की कार्रवाई

भारत सरकार ने मेटा प्लेटफॉर्म्स को एक सलाह जारी की है जिसमें कंपनी से कानून-व्यवस्था संबंधी कंटेंट की सिफारिश प्रणाली पर पुनर्विचार करने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि ऐसी पोस्ट्स के व्यापक प्रसार से जनता में भ्रम और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है।

इस सलाह के अनुसार, मेटा को इस मामले में उठाए गए कदमों की रिपोर्ट प्रदान करने के लिए भी कहा गया है। कंपनी को यह जानकारी देनी होगी कि वह कंटेंट के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए किन उपायों को अपना रही है।

हालांकि, डिजिटल अधिकार संगठनों और विशेषज्ञों ने इस कदम को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि सरकार के इस निर्देश से ऑनलाइन सामग्री पर सेंसरशिप बढ़ने का खतरा है और यह भाषण की स्वतंत्रता के मूल अधिकार को प्रभावित कर सकता है।

यह मामला सोशल मीडिया कंपनियों पर सरकारी नियंत्रण की व्यापक बहस का हिस्सा है। इससे पहले भी विभिन्न देशों में बड़ी टेक कंपनियों को कंटेंट मॉडरेशन और सूचना नियंत्रण को लेकर कई निर्देश दिए जा चुके हैं।