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सॉलिसिटर जनरल हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने की तैयारी में

हाईकोर्ट ने छात्र कार्यकर्ता अक्रिति चौधरी की एनएसए नजरबंदी को रद्द किया है और सरकारी वकील के फैसले पर कड़ी आलोचना की है। सॉलिसिटर जनरल अब इस फैसले के खिलाफ अपील की नीयत जता चुके हैं।

LSN India · 9 September 2026

सॉलिसिटर जनरल हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने की तैयारी में

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 2 सितंबर को अक्रिति चौधरी की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत नजरबंदी को रद्द करते हुए सरकार की वकीलों को निशाने पर लिया है। बेंच ने कहा है कि पुलिस रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लेते समय उचित सावधानी नहीं बरती गई।

चौधरी को लगभग पांच महीने तक हिरासत में रखा गया था। इस दौरान उनके खिलाफ एकत्र किए गए सबूत और दस्तावेजों की कानूनी समीक्षा में कमियां पाई गईं।

सॉलिसिटर जनरल ने अब हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देने का मौखिक संकेत दिया है। सरकारी पक्ष का मानना है कि एनएसए की नजरबंदी के पीछे के कारण वैध थे और बेंच के फैसले में पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

यह मामला देश में राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के प्रयोग और न्यायिक निगरानी के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। सरकार के अगले कदम के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह मामला कहां तक जाएगा।