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वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में सरकार 7.86 ट्रिलियन रुपये का कर्ज लेगी
भारत सरकार वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में दिनांकित प्रतिभूतियों के माध्यम से 7.86 ट्रिलियन रुपये का कर्ज लेने की योजना बना रही है। यह कदम सरकार की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उठाया जा रहा है।
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भारत सरकार ने घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2026-27 (जुलाई 2026 से दिसंबर 2026) की अवधि में वह दिनांकित प्रतिभूतियों के जरिए 7.86 ट्रिलियन रुपये का कर्ज लेगी। यह कदम केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और विकास परियोजनाओं के लिए धन जुटाने के लिए लिया जा रहा है।
दिनांकित प्रतिभूतियां बांड का एक रूप हैं जो सरकार द्वारा जारी की जाती हैं। ये निवेशकों को एक निश्चित अवधि के लिए निश्चित रिटर्न प्रदान करती हैं। इस तरह के कर्ज से सरकार विभिन्न विकास कार्यों और सार्वजनिक सेवाओं के वित्तपोषण में मदद मिलती है।
अर्थव्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सरकार नियमित रूप से बाजार से कर्ज लेती है। यह कदम सरकार की वित्तीय नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसी प्रतिभूतियों के माध्यम से कर्ज लेना व्यक्तियों, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को निवेश का अवसर प्रदान करता है।