Politics · India Bureau
IAS अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की अनुमति केवल PMO दे सकता है: केंद्र
मद्रास उच्च न्यायालय ने एक बड़े निविदा घोटाले के मामले में IAS अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की अनुमति प्राप्त करने के लिए केंद्र को दो महीने की अतिरिक्त अवधि दी है।
LSN India ·

मद्रास उच्च न्यायालय ने सोमवार को स्पष्ट किया कि IAS अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू करने की अनुमति केवल प्रधानमंत्री के कार्यालय द्वारा दी जा सकती है। न्यायाधीश एन. आनंद वेंकटेश ने इस संबंध में केंद्र की दलील को दर्ज किया और अभियोजन की अनुमति प्राप्त करने के लिए दो महीने की अवधि प्रदान की।
यह निर्देश 98.25 करोड़ रुपये के निगम निविदा अनियमितता के मामले में आया है, जिसमें IAS अधिकारी के.एस. कंदासामी और के. विजय कार्तिकेयन शामिल हैं। पूर्व AIADMK मंत्री एस.पी. वेलुमानी के खिलाफ भी इस मामले में कार्रवाई की जा रही है।
केंद्र सरकार ने अदालत को सूचित किया कि सेवारत IAS अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई के लिए PMO से अनुमति लेनी आवश्यक है। न्यायालय ने यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए निर्धारित समयावधि को मंजूरी दे दी है।
इस मामले में पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया के पालन पर जोर दिया गया है। अदालत ने अगली सुनवाई में अभियोजन की अनुमति की स्थिति पर विचार करने का निर्णय लिया है।