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जाति-आधारित भेदभाव नियमों पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को दी पुनर्विचार की जानकारी
सर्वोच्च न्यायालय में केंद्र ने गुरुवार को कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के 2026 समानता विनियम पर पुनर्विचार किया जा रहा है। न्यायालय ने जनवरी में इन विनियमों को स्थगित कर दिया था।
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भारत के सर्वोच्च न्यायालय में केंद्र सरकार ने गुरुवार को माना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव रोकने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के 2026 समानता विनियम पर पुनर्विचार किया जा रहा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत तथा न्यायमूर्ति जयमल्य बागची और वी. मोहना की खंडपीठ के समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह विवरण प्रस्तुत किया।
न्यायालय ने 29 जनवरी को इन विनियमों को स्थगित किया था, इस आधार पर कि यह ढांचा "प्रथमदृष्ट्या अस्पष्ट" है। विभिन्न याचिकाकर्ताओं ने इन 2026 विनियमों की वैधता को चुनौती दी थी।
खंडपीठ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को चार सप्ताह के भीतर एक व्यापक जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता इसके बाद दो सप्ताह की अवधि में अगर आवश्यक हो तो अपना पुनरुत्तर दाखिल कर सकते हैं। मामला अगली सुनवाई के लिए स्थगित रहा।