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पेट्रोलियम अधिनियम में बदलाव का प्रस्ताव, सरकार ने मांगी हिस्सेदारों की राय
केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम अधिनियम में संशोधन के लिए एक मसौदा विधेयक तैयार किया है। इसमें लाइसेंस उल्लंघन को अपराध से मुक्त करने के साथ ही अनाधिकृत गतिविधियों के लिए कठोर दंड का प्रस्ताव है।
LSN India ·

सरकार ने पेट्रोलियम क्षेत्र को विनियमित करने वाले मौजूदा कानून में महत्वपूर्ण सुधार का मार्ग प्रशस्त किया है। नए मसौदा विधेयक में पेट्रोलियम अधिनियम की व्यवस्थाओं को आधुनिकीकरण करने का लक्ष्य है ताकि उद्योग को अधिक लचीलापन मिल सके।
मसौदा विधेयक का मुख्य प्रावधान यह है कि लाइसेंस के कुछ तकनीकी उल्लंघनों को अब आपराधिक अपराध की श्रेणी से हटाया जाएगा। इससे छोटे और मध्यम आकार के उद्यमियों को अनावश्यक कानूनी परेशानियों से बचाया जा सकेगा। साथ ही, विधेयक में अनाधिकृत तेल और गैस गतिविधियों के खिलाफ अधिक कठोर प्रावधान जोड़े गए हैं।
सरकार ने इस महत्वपूर्ण सुधार पर आगे बढ़ने से पहले उद्योग, नियामकों और अन्य हितधारकों से विस्तृत प्रतिक्रिया मांगी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पेट्रोलियम क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और निवेश को प्रोत्साहित करने में मदद कर सकता है।
हितधारकों की प्रतिक्रिया जमा करने की समय सीमा के बाद सरकार मसौदे में आवश्यक संशोधन करके अंतिम विधेयक संसद में प्रस्तुत करेगी।