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सौ साल के पी.बी. मेनन: वकील का जीवन अभी अधूरा, अदालत में सक्रिय
प्रख्यात वकील पी.बी. मेनन ने सौवें जन्मदिन पर भी रिटायरमेंट का विचार नहीं किया। उनके लिए वकालत का आकलन केवल सालों या मामलों की संख्या से नहीं, बल्कि क्लाइंटों के विश्वास और जिम्मेदारी से होता है।
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प्रसिद्ध कानूनी जगत के दिग्गज पी.बी. मेनन एक शताब्दी का आयु पार कर चुके हैं, लेकिन वकालत के पेशे से उनका रिश्ता अभी तक अटूट बना हुआ है। सदी पूरी होने के बाद भी मेनन अपनी प्रतिष्ठित कानूनी प्रैक्टिस जारी रखे हुए हैं और नियमित रूप से अदालतों में हाजिर होते हैं।
मेनन का विश्वास है कि किसी वकील की योग्यता को मापने का पैमाना सिर्फ अदालत में बिताए गए वर्षों या निपटाए गए मामलों की संख्या नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, असली सफलता तब आती है जब क्लाइंट उन पर पूरा विश्वास करते हैं और वे अपनी जिम्मेदारियों को निष्ठापूर्वक निभाते हैं। इसी नीति के कारण वे दशकों तक कानूनी क्षेत्र में एक विश्वसनीय नाम बने रहे हैं।
मेनन की सक्रियता और समर्पण कानूनी पेशे में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। अपने शताब्दी जीवन में भी वे सामाजिक जिम्मेदारी और न्यायिक व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को जारी रखे हुए हैं। उनका यह रवैया युवा वकीलों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।